UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026: संविधान, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, AI, पर्यावरण और नैतिकता — सम्पूर्ण UPSC नोट्स
दिनांक: मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 | लक्षित परीक्षा: UPSC CSE प्रीलिम्स एवं मेन्स 2026 | GS पेपर: GS-1, GS-2, GS-3, GS-4
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!📌 इन नोट्स का उपयोग कैसे करें: प्रत्येक समाचार का विश्लेषण (a) पृष्ठभूमि, (b) प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका, (c) मेन्स कोण, तथा (d) संभावित मेन्स प्रश्न एवं उत्तर-रूपरेखा के अंतर्गत किया गया है। साप्ताहिक रूप से दोहराएँ और बुकमार्क करें।
I. भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
1. 106वाँ संवैधानिक संशोधन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) लागू; 131वाँ संशोधन विधेयक पराजित
पृष्ठभूमि: 106वाँ संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2023 — जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है — लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण प्रदान करता है। यह 16 अप्रैल 2026 से औपचारिक रूप से प्रवृत्त हो गया है।
हालाँकि, इसका वास्तविक क्रियान्वयन अभी स्थगित है, क्योंकि अनुच्छेद 334A इसे अगली जनगणना (2027 के बाद) के पश्चात होने वाले परिसीमन से जोड़ता है — जिसका अर्थ है कि आरक्षण का लाभ लगभग 2034 से पहले मिलने की संभावना नहीं है।
इसी क्रम में सरकार ने संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया, जो 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का प्रस्ताव करता था ताकि महिला आरक्षण शीघ्र लागू हो सके। परंतु यह विधेयक 17–18 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पराजित हो गया। 528 सदस्यीय सदन में अनुच्छेद 368 के अंतर्गत आवश्यक 352 मतों (दो-तिहाई विशेष बहुमत) के स्थान पर केवल 298 मत प्राप्त हुए।
साथ ही, लोकसभा को 550 से 850 सीट तक विस्तारित करने के प्रस्ताव ने संसदीय बहस को तीव्र किया — कि क्या बड़ा सदन प्रतिनिधित्व बेहतर करेगा या विधायी जवाबदेही को कमज़ोर करेगा।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| संशोधन | 106वाँ संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2023 |
| लोकप्रिय नाम | नारी शक्ति वंदन अधिनियम |
| आरक्षण | 33% — लोकसभा, राज्य विधानसभाएँ, दिल्ली विधानसभा |
| प्रवृत्त तिथि | 16 अप्रैल 2026 |
| क्रियान्वयन शर्त | अनुच्छेद 334A — परिसीमन + जनगणना के बाद |
| संभावित क्रियान्वयन वर्ष | ~2034 |
| 131वाँ संशोधन विधेयक | 2011 जनगणना आधारित शीघ्र परिसीमन |
| प्राप्त मत / आवश्यक मत | 298 / 352 (दो-तिहाई, 528 में से) |
| संवैधानिक प्रावधान | अनुच्छेद 368 (विशेष बहुमत) |
| लोकसभा विस्तार प्रस्ताव | 550 → 850 सीट |
🖊️ मेन्स कोण (GS-2):
- महिला राजनीतिक सशक्तिकरण बनाम संरचनात्मक विलंब: क्या स्थगित आरक्षण सार्थक प्रतिनिधित्व है?
- विशेष बहुमत और गठबंधन राजनीति: संवैधानिक संरचना की सीमाएँ।
- परिसीमन की राजनीति: जनगणना से जोड़ना एक जानबूझकर किया गया टालमटोल?
❓ संभावित मेन्स प्रश्न: “106वाँ संवैधानिक संशोधन महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में एक ऐतिहासिक कदम है, फिर भी इसका क्रियान्वयन एक दशक के लिए स्थगित है। इस संवैधानिक वादे और राजनीतिक वास्तविकता के बीच की खाई के लिए उत्तरदायी संरचनात्मक एवं राजनीतिक कारकों की समालोचनात्मक परीक्षा कीजिए।” (GS-2, 15 अंक)
उत्तर-रूपरेखा:
- परिचय: महिला आरक्षण की यात्रा — 73वाँ/74वाँ संशोधन → नारी शक्ति वंदन अधिनियम।
- भाग 1 (संरचनात्मक): अनुच्छेद 334A की परिसीमन-जनगणना जोड़; सीट पुनर्वितरण पहले, तब आरक्षण।
- भाग 2 (राजनीतिक): 131वें संशोधन की पराजय; क्षेत्रीय दलों की सीट-साझेदारी चिंता; गठबंधन अंकगणित।
- भाग 3 (आगे का रास्ता): परिसीमन में तेज़ी; समयबद्ध जनगणना अधिदेश; दलों द्वारा स्वैच्छिक कोटा।
- निष्कर्ष: संवैधानिक नैतिकता राजनीतिक सुविधा से ऊपर होनी चाहिए।
II. अधिनियम, नियम एवं सरकारी नीति सुधार | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
2. जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026 — 717 प्रावधानों का विआपराधीकरण
पृष्ठभूमि: जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026 में 79 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन का प्रस्ताव है। इसमें खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, कृषि और प्रेस पंजीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों के 717 प्रावधानों का विआपराधीकरण किया जाएगा — कारावास की सजा को मौद्रिक दंड से प्रतिस्थापित करके।
यह जन विश्वास अधिनियम, 2023 (जिसने 42 अधिनियमों में 183 प्रावधानों का विआपराधीकरण किया था) का अगला चरण है। यह विधेयक व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) की दिशा में दंडात्मक शासन से अनुपालन-प्रोत्साहन शासन की ओर स्थायी बदलाव का प्रतीक है।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| विधेयक | जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 |
| संशोधित अधिनियम | 79 केंद्रीय अधिनियम |
| विआपराधीकृत प्रावधान | 717 |
| पूर्ववर्ती | जन विश्वास अधिनियम 2023 (183 प्रावधान, 42 अधिनियम) |
| नीति उद्देश्य | व्यापार सुगमता; कारावास → जुर्माना |
| प्रमुख मंत्रालय | FSSAI, MoEF, कृषि, प्रेस पंजीयक |
🖊️ मेन्स कोण (GS-2/GS-3): विनियामक सुधार बनाम प्रतिरोध-पर्याप्तता; अनुपालन संस्कृति का विकास; वैश्विक विआपराधीकरण प्रवृत्तियों से तुलना।
3. ड्राफ्ट IT नियम 2026 संशोधन — AI सामग्री, न्यूज़ इन्फ्लुएंसर और डीपफेक विनियमन
पृष्ठभूमि: MeitY ने ड्राफ्ट IT (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) द्वितीय संशोधन नियम, 2026 जारी किए हैं, जो 29 अप्रैल 2026 तक सार्वजनिक टिप्पणी के लिए खुले हैं।
प्रमुख प्रस्ताव:
- आचार संहिता का विस्तार — पंजीकृत समाचार प्रकाशकों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया यूज़र्स, इन्फ्लुएंसर और पॉडकास्टर तक जो समाचार और सार्वजनिक मामलों पर सामग्री पोस्ट करते हैं।
- सरकारी परामर्शों (Advisories) को तकनीकी प्लेटफार्मों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाना।
- AI-जनित डीपफेक हटाने की समयसीमा को और कड़ा करना।
- अंतर-विभागीय समिति के दायरे का विस्तार करना।
मद्रास उच्च न्यायालय और ह्यूमन राइट्स वॉच ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कार्यपालिका के अतिक्रमण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नियम | ड्राफ्ट IT संशोधन नियम, 2026 |
| मंत्रालय | MeitY |
| टिप्पणी की अंतिम तिथि | 29 अप्रैल 2026 |
| नई कवरेज | समाचार पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया यूज़र्स |
| मूल विधान | सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 |
| आलोचक | ह्यूमन राइट्स वॉच, मद्रास उच्च न्यायालय |
| डीपफेक कार्रवाई | हटाने की समयसीमा और कड़ी |
🖊️ मेन्स कोण (GS-2/GS-4): दुष्प्रचार नियंत्रण बनाम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता; मध्यस्थ दायित्व; सरकारी निगरानी की नैतिकता; चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता।
4. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 — 1 अप्रैल से चार-धारा पृथक्करण अनिवार्य
पृष्ठभूमि: MoEFCC द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 जो 2016 के नियमों का स्थान लेते हैं, 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो गए हैं। ये पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत अधिसूचित हैं।
प्रमुख विशेषताएँ:
- चार-धारा अनिवार्य पृथक्करण स्रोत पर: गीला, सूखा, खतरनाक और स्वच्छता अपशिष्ट।
- प्रदूषक भुगतान सिद्धांत — उल्लंघन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति।
- विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) और परिपत्र अर्थव्यवस्था का एकीकरण।
- समस्त अपशिष्ट श्रृंखला की ऑनलाइन निगरानी।
- थोक अपशिष्ट उत्पादकों की स्पष्ट जिम्मेदारी।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नियम | ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 |
| प्रतिस्थापित | SWM नियम, 2016 |
| प्रभावी तिथि | 1 अप्रैल 2026 |
| पृथक्करण धाराएँ | 4 (गीला, सूखा, खतरनाक, स्वच्छता) |
| प्रमुख सिद्धांत | प्रदूषक भुगतान सिद्धांत |
| एकीकृत ढाँचा | EPR + परिपत्र अर्थव्यवस्था |
| शासी कानून | पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 |
III. भारतीय अर्थव्यवस्था | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
5. विकास अनुमान — UN: 6.4%, विश्व बैंक: 7.6% — ट्रम्प शुल्क के बीच भारत की लचीलापन
पृष्ठभूमि: UN विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएँ (WESP) 2026 के अनुसार भारत की GDP वृद्धि दर 2026 में 6.4% और 2027 में 6.6% रहने का अनुमान है। विश्व बैंक ने FY2025–26 में 7.6% का अनुमान लगाया है, जो दक्षिण एशिया में सर्वाधिक है। नोमुरा ने अल्पकालिक नरमी की चेतावनी दी है, उसके बाद पुनरुद्धार की संभावना जताई है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 ने भारत के “व्यापार बफर” को रेखांकित किया — विविध निर्यात बाजार, सेवा क्षेत्र अधिशेष और PLI-आधारित विनिर्माण। $250 बिलियन ई-कॉमर्स बूम, जनरेशन-Z द्वारा संचालित, ने घरेलू खुदरा क्षेत्र में नई चुनौतियाँ और अवसर पैदा किए हैं। GDP आधार-वर्ष संशोधन के बाद भारत तीसरे से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में खिसक गया है।
आयकर अधिनियम, 2025 — जो आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेता है — 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| UN GDP अनुमान 2026 | 6.4% |
| UN अनुमान 2027 | 6.6% |
| विश्व बैंक FY26 अनुमान | 7.6% |
| नोमुरा दृष्टिकोण | अल्पकालिक नरम; बाद में पुनरुद्धार |
| भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था रैंक | 4थी |
| ई-कॉमर्स बाजार आकार | ~$250 बिलियन |
| आयकर अधिनियम, 2025 | 1 अप्रैल 2026 से लागू |
❓ संभावित मेन्स प्रश्न: “अमेरिकी शुल्क नीतियों और वैश्विक व्यापार व्यवधानों के बावजूद भारत ने सापेक्ष समष्टि आर्थिक लचीलापन बनाए रखा है। इसके लिए उत्तरदायी संरचनात्मक एवं नीतिगत कारकों का विश्लेषण कीजिए।” (GS-3, 15 अंक)
उत्तर-रूपरेखा: घरेलू माँग का संरक्षण; सेवा निर्यात अधिशेष; PLI विनिर्माण; निर्यात बाजार विविधीकरण; पूँजीगत व्यय; ऊर्जा जोखिम।
IV. भारत की विदेश नीति एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
6. UNGA 80वें सत्र की अध्यक्ष अन्नालेना बेयरबॉक का भारत दौरा — 28 अप्रैल 2026
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र की अध्यक्ष अन्नालेना बेयरबॉक आज 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली दौरे पर हैं। यह दौरा बहुपक्षीय संस्थाओं के साथ भारत की गहरी भागीदारी को रेखांकित करता है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अगले महीने नेपाल जाने की संभावना है — नई सरकार गठन के बाद यह भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति की परीक्षा होगी।
7. भारत मई 2026 में BRICS + QUAD विदेश मंत्रियों की मेजबानी करेगा — रणनीतिक स्वायत्तता का प्रदर्शन
पृष्ठभूमि: भारत ने 1 जनवरी 2026 को BRICS अध्यक्षता संभाली, थीम: “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।” भारत मई 2026 में BRICS विदेश मंत्रियों और QUAD विदेश मंत्रियों की बैठकें आयोजित करेगा।
EU-भारत मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर 27 जनवरी 2026 को हस्ताक्षर हुए — $136 बिलियन से अधिक के व्यापार को कवर करते हुए एक सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी भी स्थापित हुई।
EAM जयशंकर का कूटनीतिक कथन: “BRICS, BRICS है और QUAD, QUAD है — हम जैसे देशों को द्विआधारी विकल्प चुनने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए।”
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| BRICS अध्यक्ष 2026 | भारत |
| BRICS थीम 2026 | लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण |
| BRICS विस्तारित सदस्य | मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, UAE, इंडोनेशिया |
| QUAD सदस्य | भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया |
| मई 2026 मेजबानी | BRICS + QUAD विदेश मंत्री बैठकें |
| EU-भारत FTA | 27 जनवरी 2026 को हस्ताक्षरित |
| EU-भारत व्यापार | $136+ बिलियन |
| UNGA 80वें सत्र अध्यक्ष यात्रा | 28 अप्रैल 2026 |
| COP33 बोली वापसी | अप्रैल 2026 में पुष्टि |
| भारत का नेट ज़ीरो लक्ष्य | 2070 |
❓ संभावित मेन्स प्रश्न: “BRICS और QUAD दोनों में भारत की एक साथ भागीदारी इसकी रणनीतिक स्वायत्तता की नीति को प्रतिबिंबित करती है। परीक्षण कीजिए कि भारत अपनी बहु-संरेखण परंपरा को भंग किए बिना राष्ट्रीय हितों की पूर्ति के लिए बहुपक्षीय मंचों का किस प्रकार उपयोग करता है।” (GS-2, 15 अंक)
उत्तर-रूपरेखा: BRICS = ग्लोबल साउथ की आवाज; QUAD = हिंद-प्रशांत सुरक्षा; EU-FTA = रणनीतिक संतुलन; बहु-संरेखण = राष्ट्रीय हित।
8. भारत ने COP33 आयोजन की बोली वापस ली — जलवायु प्रतिबद्धता बरकरार
भारत ने अप्रैल 2026 में आधिकारिक रूप से COP33 (2028) की मेजबानी की बोली वापस ली। भारत ने दोहराया कि वह पेरिस समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है और नेट ज़ीरो 2070 लक्ष्य बरकरार है।
- COP31 (2026): तुर्की + ऑस्ट्रेलिया
- COP32 (2027): इथियोपिया
- भारत नेट ज़ीरो लक्ष्य: 2070
V. विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
9. इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, IndiaAI मिशन, UNESCO रिपोर्ट और Google जलवायु केंद्र
पृष्ठभूमि: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 (16–20 फरवरी, भारत मंडपम) ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन था।
प्रमुख परिणाम:
- IndiaAI मिशन (₹10,300 करोड़): GPU पूल 38,000 → 58,000.
- UNESCO–MeitY: भारत AI तत्परता मूल्यांकन रिपोर्ट जारी।
- Google: मंथन प्लेटफार्म पर जलवायु प्रौद्योगिकी केंद्र लॉन्च।
- 2.5 लाख नागरिकों ने जिम्मेदार AI प्रतिज्ञा ली — गिनीज रिकॉर्ड।
- CBI का ‘अभय’ AI चैटबॉट — साइबर धोखाधड़ी निरोधक।
- MausamGPT और BharatFS — मौसम व मानसून पूर्वानुमान हेतु AI उपकरण।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| इंडिया AI समिट | 16–20 फरवरी 2026 |
| वैश्विक AI शिखर सम्मेलन | ग्लोबल साउथ में पहला |
| IndiaAI मिशन बजट | ₹10,300 करोड़ |
| GPU पूल | 38,000 → 58,000 |
| UNESCO-MeitY रिपोर्ट | भारत AI तत्परता मूल्यांकन रिपोर्ट |
| गिनीज रिकॉर्ड | 2.5 लाख जिम्मेदार AI प्रतिज्ञाएँ |
| CBI AI चैटबॉट | ‘अभय’ |
| AI जलवायु उपकरण | MausamGPT, BharatFS |
| Google पहल | जलवायु प्रौद्योगिकी केंद्र |
🖊️ मेन्स कोण (GS-3/GS-4): AI शासन; नैतिक AI; AI और जलवायु; ग्लोबल साउथ नेतृत्व।
VI. पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
10. भारत की पर्यावरण स्थिति 2026 — 9 में से 7 ग्रहीय सीमाएँ उल्लंघित
पृष्ठभूमि: SOE 2026 रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर 9 में से 7 ग्रहीय सीमाएँ उल्लंघित हो चुकी हैं। महासागर अम्लीकरण 7वीं उल्लंघित सीमा है — औद्योगिक युग से महासागर अम्लता 30–40% बढ़ी है।
अन्य निष्कर्ष:
- वैश्विक वन आवरण: 59%
- प्रजाति विलुप्ति दर: 100 प्रति मिलियन-प्रजाति-वर्ष
- विश्व 1.5°C सीमा के करीब
- भारतीय गैर-महानगरीय शहरों में 0.5–2°C अधिक तापमान जोखिम
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| रिपोर्ट | SOE 2026 |
| जारी | 25 फरवरी 2026 |
| उल्लंघित सीमाएँ | 9 में से 7 |
| 7वीं सीमा | महासागर अम्लीकरण |
| महासागर अम्लता वृद्धि | 30–40% |
| वैश्विक वन आवरण | 59% |
| तापमान सीमा | 1.5°C के करीब |
| विलुप्ति दर | 100 प्रति मिलियन-प्रजाति-वर्ष |
| भारत शहरी तापमान जोखिम | 0.5–2°C अधिक |
🖊️ मेन्स कोण (GS-3): ग्रहीय सीमाएँ; हानि और क्षति; जलवायु न्याय; शहरी ऊष्मा जोखिम।
VII. लोक प्रशासन, नैतिकता एवं शासन | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
11. साधना सप्ताह 2026 — मिशन कर्मयोगी, नागरिक-केंद्रित शासन और नैतिकता
पृष्ठभूमि: DoPT के मिशन कर्मयोगी ने साधना सप्ताह 2026 आयोजित किया — यह सिविल सेवकों के लिए भारत की बड़ी क्षमता-निर्माण पहल है। इसका लक्ष्य नियम-आधारित से भूमिका-आधारित शासन की ओर बदलाव है।
PIB की तथ्य-जाँच इकाई ने अप्रैल 2026 तक 2,900+ तथ्य-जाँच जारी की हैं।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पहल | साधना सप्ताह 2026 |
| आयोजक | DoPT, मिशन कर्मयोगी |
| तिथियाँ | 2–8 अप्रैल 2026 |
| फोकस | नैतिकता, भारतीय ज्ञान प्रणाली, नागरिक-केंद्रित शासन |
| शासन परिवर्तन | नियम-आधारित → भूमिका-आधारित |
| PIB तथ्य-जाँच इकाई | 2,900+ |
📝 नैतिकता केस स्टडी: एक जिला कलेक्टर को एक राज्य मंत्री द्वारा पर्यावरणीय मंजूरी जल्द देने का दबाव मिलता है, जबकि परियोजना से 500 आदिवासी परिवार विस्थापित होंगे।
दुविधा: संवैधानिक कर्तव्य बनाम राजनीतिक दबाव।
समाधान: EIA नियमों का पालन; संचार का दस्तावेजीकरण; पाँचवीं अनुसूची संरक्षण; आवश्यक होने पर न्यायिक समीक्षा।
❓ संभावित मेन्स प्रश्न: “लोक प्रशासन में नैतिक दुविधाएँ प्रायः राजनीतिक प्राधिकरण और संवैधानिक कर्तव्य के बीच उत्पन्न होती हैं। एक केस स्टडी के माध्यम से स्पष्ट कीजिए कि सिविल सेवक को ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।” (GS-4, 10 अंक)
VIII. भारतीय समाज | UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026
12. AICTE-VAANI योजना (तीसरा संस्करण) — 22 अनुसूचित भाषाओं में तकनीकी शिक्षा
AICTE ने VAANI योजना का तीसरा संस्करण लॉन्च किया, जो 22 अनुसूचित भाषाओं में तकनीकी शिक्षा सामग्री को बढ़ावा देता है। यह NEP 2020, अनुच्छेद 350A और 8वीं अनुसूची के अनुरूप है।
📊 प्रीलिम्स स्नैपशॉट तालिका:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| योजना | AICTE-VAANI (तीसरा संस्करण, 2026) |
| उद्देश्य | क्षेत्रीय भाषा में तकनीकी शिक्षा |
| भाषाएँ | 22 अनुसूचित भाषाएँ |
| संवैधानिक आधार | अनुच्छेद 350A; 8वीं अनुसूची |
| नीति संबंध | NEP 2020 |
📋 UPSC करेंट अफेयर्स 28 अप्रैल 2026 — समेकित मेन्स प्रश्न सूची
| क्र. | प्रश्न | पेपर | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | 106वाँ संशोधन और क्रियान्वयन में विलंब — आलोचनात्मक विश्लेषण | GS-2 | 15 |
| 2 | IT नियम 2026 — अभिव्यक्ति स्वतंत्रता बनाम दुष्प्रचार नियंत्रण | GS-2 | 10 |
| 3 | BRICS + QUAD और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता | GS-2 | 15 |
| 4 | भारत की आर्थिक लचीलापन और ट्रम्प शुल्क | GS-3 | 15 |
| 5 | SWM नियम 2026 और परिपत्र अर्थव्यवस्था | GS-3 | 10 |
| 6 | IndiaAI मिशन और ग्लोबल साउथ नेतृत्व | GS-3 | 15 |
| 7 | COP33 वापसी — व्यावहारिकता या छवि जोखिम | GS-3 | 10 |
| 8 | 7 ग्रहीय सीमाएँ उल्लंघित — भारत की प्रतिक्रिया | GS-3 | 15 |
| 9 | लोक प्रशासन में नैतिक दुविधाएँ — केस स्टडी | GS-4 | 10 |
| 10 | मिशन कर्मयोगी और सिविल सेवा परिवर्तन | GS-4 | 10 |
🔗 आंतरिक लिंक:
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© UPSC नोट्स डेली | तैयार: 28 अप्रैल 2026स्रोत: PIB (pib.gov.in) | Drishti IAS (drishtiias.com) | PRS India (prsindia.org) | Economic Times (economictimes.com) | The Hindu (thehindu.com) | World Bank (worldbank.org) | CSE SOE Report 2026 | MeitY (meity.gov.in)
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