UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026: DRDO स्क्रैमजेट और शक्सगाम

UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026: DRDO स्क्रैमजेट और शक्सगाम

सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए व्यापक विश्लेषण

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UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026– UPSC करंट अफेयर्स के आपके दैनिक डोज में आपका स्वागत है। आज का संस्करण भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी, हमारी सीमाओं से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संबंधों, संयुक्त राष्ट्र (UN) के आर्थिक अनुमानों, और सड़क सुरक्षा व डिजिटल बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण शासन सुधारों के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को कवर करता है।


1. भारत की हाइपरसोनिक छलांग: DRDO ने सक्रिय रूप से कूल्ड स्क्रैमजेट का परीक्षण किया | UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम मानचित्रण: जीएस-3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी (रक्षा और प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण)

चर्चा में क्यों? रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में सक्रिय रूप से कूल्ड स्क्रैमजेट फुल स्केल कम्बस्टर (Actively Cooled Scramjet Full Scale Combustor) का लंबी अवधि का सफल जमीनी परीक्षण किया है। यह भारत की स्वदेशी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

गहन विश्लेषण: तकनीक को समझें

  • स्क्रैमजेट क्या है? एक सुपरसोनिक दहन रैमजेट (Scramjet), रैमजेट इंजन का एक उन्नत रूप है। रैमजेट में, दहन से पहले हवा को सबसोनिक (ध्वनि से कम) गति तक धीमा किया जाता है। जबकि स्क्रैमजेट में, पूरे इंजन के दौरान वायु प्रवाह सुपरसोनिक (ध्वनि से तेज) बना रहता है। यह वाहन को मैक 5 (हाइपरसोनिक गति) से अधिक गति से उड़ान भरने की अनुमति देता है।
  • “सक्रिय शीतलन” (Active Cooling) सफलता: हाइपरसोनिक उड़ान में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक वायु घर्षण और दहन से उत्पन्न अत्यधिक गर्मी है, जो इंजन को पिघला सकती है। सक्रिय शीतलन ईंधन का उपयोग ही शीतलक (coolant) के रूप में करता है। ईंधन दहन कक्ष (combustion chamber) के चारों ओर चैनलों के माध्यम से घूमता है ताकि दहन के लिए इंजेक्ट किए जाने से पहले गर्मी को सोख सके। यह लंबी अवधि की उड़ानों के दौरान इंजन को ओवरहीटिंग से बचाता है।
  • भारत के लिए महत्व:
    • रणनीतिक प्रतिरोध: हाइपरसोनिक मिसाइलों को उनकी गति और बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में कम ऊंचाई वाले उड़ान पथ के कारण पता लगाना और रोकना कठिन होता है।
    • कुलीन समूह (Elite Club): केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास ही परिपक्व हाइपरसोनिक क्षमताएं हैं। यह परीक्षण इस विशिष्ट समूह में भारत की स्थिति को मजबूत करता है।
    • HSTDV लिंक: यह परीक्षण 2020 में आयोजित हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV) परीक्षण की सफलता पर आधारित है।

मुख्य बिंदु:

  • परीक्षण ने निरंतर दहन (sustained combustion) क्षमता को मान्य किया, जो लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यह तकनीक संभवतः भारत की भविष्य की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (HCM) को शक्ति प्रदान करेगी।
  • यह परीक्षण हैदराबाद में DRDO की प्रणोदन परीक्षण सुविधा में आयोजित किया गया था।

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास (Prelims Practice): जेट इंजनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. एक रैमजेट इंजन शून्य वायु गति (स्थिर) पर कुशलतापूर्वक काम कर सकता है।
  2. स्क्रैमजेट इंजन में, दहन सुपरसोनिक वायु प्रवाह गति पर होता है।
  3. स्क्रैमजेट में सक्रिय शीतलन अक्सर ईंधन का उपयोग शीतलक के रूप में करता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? (a) केवल 1 | (b) केवल 1 और 2 | (c) केवल 2 और 3 | (d) 1, 2 और 3 उत्तर: (c)(रैमजेट/स्क्रैमजेट शून्य वायु गति से शुरू नहीं हो सकते; उन्हें प्रारंभिक बूस्ट की आवश्यकता होती है)।


2. भारत ने चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को खारिज किया: शक्सगाम घाटी का मुद्दा | UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम मानचित्रण: जीएस-2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध (भारत और पड़ोसी संबंध)

चर्चा में क्यों? भारत ने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को खारिज करने की अपनी बात को दृढ़ता से दोहराया है और क्षेत्र में चीन द्वारा हाल ही में किए गए बुनियादी ढांचे के विकास के जवाब में शक्सगाम घाटी पर अपनी संप्रभुता का दावा किया है।

गहन विश्लेषण: शक्सगाम की भू-राजनीति

  • भूगोल: शक्सगाम घाटी (ट्रांस-काराकोरम ट्रैक्ट) काराकोरम रेंज के उत्तर में स्थित है, जो लगभग 5,180 वर्ग किमी को कवर करती है। यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (गिलगित-बाल्टिस्तान) को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ती है।
  • 1963 का समझौता: पाकिस्तान ने 1963 में यह क्षेत्र चीन को सौंप दिया था। भारत ने कभी भी इस “सीमा समझौते” को मान्यता नहीं दी है क्योंकि पाकिस्तान के पास उस क्षेत्र को सौंपने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है जो भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर (अब लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश) का हिस्सा है।
  • अनुच्छेद 6 की कमी: 1963 के समझौते में एक क्लॉज है जिसमें कहा गया है कि कश्मीर विवाद के सुलझने के बाद सीमा पर फिर से बातचीत की जाएगी, जो यह साबित करता है कि यह व्यवस्था “अनंतिम” (provisional) थी।
  • रणनीतिक खतरा:
    • सियाचिन की घेराबंदी: यह घाटी सियाचिन ग्लेशियर के उत्तर में स्थित है। यहाँ चीनी उपस्थिति, पश्चिम में पाकिस्तान की उपस्थिति के साथ मिलकर, सियाचिन और लद्दाख में सब-सेक्टर नॉर्थ (SSN) में भारतीय ठिकानों के लिए “पिंसर” (pincer) खतरा पैदा करती है।
    • CPEC लिंक: यह घाटी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के मार्ग के करीब है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains Question): “शक्सगाम घाटी विवाद केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि चीन-पाकिस्तान-भारत त्रय (triad) में एक रणनीतिक आधार है।” 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके निहितार्थों पर भारत के निरंतर रुख का समालोचनात्मक विश्लेषण करें।


3. भारत-ईयू एफटीए: ‘नियम-आधारित’ व्यापार भूलभुलैया को नेविगेट करना | UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम मानचित्रण: जीएस-2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध (द्विपक्षीय समझौते) और जीएस-3: अर्थव्यवस्था

चर्चा में क्यों? महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से ब्रुसेल्स में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच उच्च स्तरीय वार्ता फिर से शुरू हुई।

मुख्य विश्लेषण

  • “BTIA” विरासत: वार्ता मूल रूप से 2007 में व्यापक आधार वाले व्यापार और निवेश समझौते (BTIA) के रूप में शुरू हुई थी लेकिन 2013 में रुक गई थी। उन्हें 2022 में फिर से शुरू किया गया।
  • मुख्य बाधाएं (Sticking Points):
    • CBAM (कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म): स्टील, सीमेंट और एल्युमीनियम पर यूरोपीय संघ का “कार्बन टैक्स” भारत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। भारत इसे एक गैर-टैरिफ बाधा के रूप में देखता है।
    • बाजार पहुंच: यूरोपीय संघ ऑटोमोबाइल, वाइन और स्पिरिट पर कम शुल्क चाहता है। घरेलू निर्माताओं की सुरक्षा के लिए भारत इन क्षेत्रों को सुरक्षित रखता है।
    • स्थिरता क्लॉज: यूरोपीय संघ सख्त श्रम और पर्यावरण मानकों को शामिल करने पर जोर देता है, जिसके बारे में भारत का तर्क है कि इसे व्यापार से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • भारत के हित:
    • कपड़ा, चमड़ा और फार्मास्यूटिकल्स के लिए अधिक पहुंच।
    • सेवा क्षेत्र: भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए आसान वीजा मानदंड (सेवा व्यापार का मोड 4)।
    • भौगोलिक संकेतक (GI): बासमती चावल जैसे भारतीय उत्पादों की सुरक्षा।

4. संयुक्त राष्ट्र WESP 2026: आर्थिक विपरीत हवाएं और लचीलापन | UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम मानचित्रण: जीएस-3: भारतीय अर्थव्यवस्था (विकास और प्रगति)

चर्चा में क्यों? संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं (World Economic Situation and Prospects – WESP) 2026 रिपोर्ट ने 2026 के लिए भारत की वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वर्ष के 7.2% – 7.4% के अनुमान से कम है।

मुख्य विश्लेषण

  • कमी क्यों?
    • वैश्विक मंदी: रिपोर्ट में विकसित अर्थव्यवस्थाओं में उच्च ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनावों (लाल सागर संकट, यूक्रेन) के कारण वैश्विक आर्थिक शीतलन का हवाला दिया गया है।
    • आधार प्रभाव (Base Effect): वित्त वर्ष 2025 में उच्च विकास आधार से आने पर स्वाभाविक रूप से सांख्यिकीय कमी आती है।
  • उम्मीद की किरण: कमी के बावजूद, भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। रिपोर्ट में मजबूत घरेलू मांग और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा निवेश (Capex) को दो स्तंभों के रूप में उजागर किया गया है जो भारत को वैश्विक अस्थिरता से बचा रहे हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र बनाम अन्य: संयुक्त राष्ट्र का प्रक्षेपण अक्सर IMF या विश्व बैंक की तुलना में अधिक रूढ़िवादी (conservative) होता है। यह सतर्क आशावाद की आवश्यकता का संकेत देता है।

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास: ‘विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं’ रिपोर्ट संयुक्त रूप से जारी की जाती है: (a) विश्व बैंक और IMF (b) विश्व आर्थिक मंच (WEF) (c) UN-DESA, UNCTAD और संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय आयोग (d) WTO और OECD उत्तर: (c)


5. सड़क सुरक्षा 2.0: स्लीपर बसों के लिए नए नियम | UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम मानचित्रण: जीएस-3: बुनियादी ढांचा (सड़कें) और जीएस-2: शासन

चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आग और फंसने से जुड़ी कई दुखद दुर्घटनाओं के बाद स्लीपर बसों के लिए अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं की घोषणा की है।

प्रमुख जनादेश (Mandates)

  1. अग्नि जांच और दमन प्रणाली (FDSS): इसे केवल इंजन बे में ही नहीं, बल्कि यात्री डिब्बे में भी स्थापित किया जाना चाहिए।
  2. आपातकालीन निकास: पुन: डिज़ाइन किए गए निकास जो स्लीपर बर्थ से आसानी से सुलभ हों।
  3. चालक उनींदापन जांच (Driver Drowsiness Detection): केबिन में एआई-आधारित कैमरे जो चालक को सचेत करेंगे यदि वे अपनी आंखें बंद करते हैं या बहुत देर तक सड़क से दूर देखते हैं।
  4. सामग्री सुरक्षा: आग को तेजी से फैलने से रोकने के लिए अपहोल्स्ट्री (upholstery) के लिए अग्निरोधी सामग्री का उपयोग।

महत्व: स्लीपर बसें भारत में लंबी दूरी की यात्रा के लिए लोकप्रिय हैं लेकिन खराब डिजाइन के कारण उन्हें “चलते-फिरते ताबूत” कहा जाता है। इन मानदंडों का उद्देश्य भारतीय बसों को वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाना है।


6. भारत की एआई (AI) छलांग: ‘संप्रभु एआई’ के लिए जोर | UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम मानचित्रण: जीएस-3: विज्ञान और तकनीक (आईटी में एआई और जागरूकता)

चर्चा में क्यों? प्रधान मंत्री मोदी ने एक स्वदेशी एआई मॉडल की वकालत की है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत को “संप्रभु एआई” (Sovereign AI) की आवश्यकता है जो उसकी भाषाई विविधता का सम्मान करे।

गहन विश्लेषण: स्वदेशी एआई क्यों?

  • डेटा पूर्वाग्रह (Data Bias): वैश्विक मॉडल (जैसे GPT-4) मुख्य रूप से अंग्रेजी और पश्चिमी डेटा पर प्रशिक्षित होते हैं। वे अक्सर भारतीय सांस्कृतिक बारीकियों या क्षेत्रीय भाषाओं को पकड़ने में विफल रहते हैं।
  • भाषिनी प्लेटफॉर्म: सरकार का राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (भाषिनी) इस पहल की रीढ़ है। इसका उद्देश्य एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय भाषाओं में डेटासेट एकत्र करना है।
  • रणनीतिक स्वायत्तता: महत्वपूर्ण शासन (जैसे भूमि रिकॉर्ड, कानूनी सलाह) के लिए विदेशी एआई मॉडल पर भरोसा करना डेटा गोपनीयता और सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।
  • उदाहरण: 2025 महाकुंभ के दौरान उपयोग किए गए “कुंभ सह’AI’यक” बॉट (हाल के पूर्वव्यापी में उल्लिखित) ने दिखाया कि कैसे एआई स्थानीय बोलियों में लाखों लोगों की सेवा कर सकता है।

7. आंतरिक सुरक्षा: NIDMS और NCORD | UPSC करंट अफेयर्स 10 जनवरी 2026

पाठ्यक्रम मानचित्रण: जीएस-3: आंतरिक सुरक्षा (आतंकवाद और संगठित अपराध)

चर्चा में क्यों? गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) का उद्घाटन किया और 9वीं NCORD बैठक की अध्यक्षता की।

मुख्य विश्लेषण

  • NIDMS (राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली):
    • एजेंसी: इसे NSG के नेशनल बॉम्ब डेटा सेंटर (NBDC) द्वारा विकसित किया गया है।
    • कार्य: भारत में पाए जाने वाले सभी IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोटों, डिजाइनों और हस्ताक्षरों का एक केंद्रीकृत डिजिटल डेटाबेस।
    • लक्ष्य: जांचकर्ताओं को “बम हस्ताक्षरों” के आधार पर अलग-अलग हमलों को विशिष्ट आतंकी समूहों से जोड़ने में मदद करना।
  • NCORD (नार्को समन्वय केंद्र):
    • खतरा: नार्को-आतंकवाद (आतंकवाद को वित्तपोषित करने के लिए नशीले पदार्थों के पैसे का उपयोग)।
    • संरचना: यह केंद्रीय एजेंसियों (NCB) और राज्य पुलिस के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए 4-स्तरीय तंत्र (शीर्ष, कार्यकारी, राज्य, जिला) है।
    • परिणाम: बैठक में ड्रग सप्लाई चेन को “स्रोत से गंतव्य” तक नष्ट करने के लिए “सरकार के समग्र” (Whole of Government) दृष्टिकोण पर जोर दिया गया।

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